एकोऽहम्

चिट्ठा चर्चा: आइए, आज मालवी जाजम बिछाएं...

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शहंशाह से नटवरलाल

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- प्रकाश पुरोहित जिस 'शराबी' की नजाकत, नफासत, अद्भुत अभिनय, विनम्रता, अखलाक, सभ्‍यता, सच्‍चाई और साफ-सुथरे विचारों की पूरा देश क...
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"बुरा बखत"

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मेरी मां निरक्षर थी । एकदम अंगूठा छाप । लेकिन जिन्दगी की पाठशाला में जो पढ़ाई उसने की वह किसी भी यूनिवर्सिटी की पी.एचडी.को बौना तथा बेकार स...
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पहला निवेदन

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ब्लाग विश्व में आने की इच्छा कोई पौने तीन बरस पहले पैदा हुई जब "वागर्थ्" में इसके बारे में आैर खास कर श्री रवि रतलामी के बारे म...
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जांच पोस‌्ट

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कहानी की बातें यही कही जाती है.
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मैं .....

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विष्णु बैरागी
कुछ भी तो उल्लेखनीय नहीं। एक औसत आदमी जिसे अपने जैसे सड़कछापों की भीड़ में बड़ा आनन्द आता है। ‘मैं अपने घर का स्वामी हूँ लकिन यह कहने के लिए मुझे मेरी पत्नी की अनुमति की आवश्यकता होती है।’ - पूरी तरह अपनी पत्नी पर निर्भर। दो बच्चों का बाप। भारतीय जीवन बीमा निगम का पूर्णकालिक एजेण्ट। इस एजेन्सी के कारण धनपतियों की दुनिया में घूमने के बाद का निष्कर्ष कि पैसे से अधिक गरीब कोई नहीं। पैसा, जो खुद अकेले रहने को अभिशप्त तथा दूसरों को अकेला बनाने में माहिर। मेरा पता - ‘मित्र-धन’, 02 पत्रकार कॉलोनी, पोस्ट बॉक्स नम्बर-19, रतलाम - 457001 (मध्य प्रदेश) मोबाइल नम्बर - 098270 61799
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