एकोऽहम्
मेरी तो हो गई दीवाली
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लोगों को दीपावली की रात को लक्ष्मी मिलती है । मुझे तो दीपावली की ऐन सवेरे-सवेरे ही मिल गई । 'अनवरत' से प्रेरित हो, मैं अपने ब्लाग की...
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लक्ष्मी-पति बनाम लक्ष्मी-पुत्र
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इस दीपावली, मैं एक विचित्र किन्तु रोचक दुर्घटना का शिकार होता रहा - पूरे दिन भर । कल मेरी पूछ-परख नाम मात्र को ही हुई, मानो मजबूरी में या फि...
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अभिनन्दन
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दीपावली एवं नव वर्ष के मंगल प्रसंग पर हार्दिक अभिनन्दन एवम् आत्मीय शुभ-कामनाएँ । जातियों, धर्मों, वर्गों, वर्णों से ऊपर उठकर हम भारतीय बन सक...
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अर्श और फर्श की विसंगत दीपावली
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व्यक्तित्व विकास और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए ‘सकारात्मक दृष्टिकोण’ इन दिनों मुहावरे की तरह प्रचलन में है । लेकिन यह सब अब तक पूरी तरह व्यक...
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अनूठा देनदार
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कल की मेरी पोस्ट पर श्रीयुत अज्ञात (एनोनीमस) ने अपनी टिप्पणी के चैथे बिन्दु में वह बात कह दी है जिसे विषय बना कर मैं कल की पोस्ट लिखना चाहता...
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भारत सरकार का कुबेर : भाजीबीनि
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भारतीय जीवन बीमा निगम देश के सबसे बड़े वित्तीय उपक्रमों में अग्रणी है । इसे लेकर आए दिनों अखबारों में ‘कुछ न कुछ’ छपता ही रहता है । इस ‘कुछ न...
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नरेश गोयल की जमीन
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कल रात मैं ने, जेट एयरवेज के चेयरमेन नरेश गोयल को, पत्रकारों से बात करते देखा । जो कुछ वे कह रहे थे वह सुन-सुन कर मुझे अपने देहातीपन पर गर्व...
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एक अपराध-बोध से मुक्ति
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गए दो दिनों से मैं बहुत हलका अनुभव कर रहा हूँ । एक अपराध-बोध से मुक्ति मिल गई है मुझे । तनिक अलंकारिक भाषा का उपयोग करुँ और शब्दाडम्बर रचूँ ...
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हाँ, यह मैं ही हूं
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मै हर्षातिरेक में गोते लगा रहा हूँ । दिल्ली और मुम्बई के अखबार, रतलाम में चैबीस घण्टे बाद मिलते हैं । 3 अक्टूबर का ‘जनसत्ता’ (दिल्ली) मुझे...
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आप तो जानते ही हो
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मेरे एक आदरणीय मित्र भोपाल स्थानान्तरित हो गए । वे अत्यधिक संकोची, आत्मकेन्द्रित और ‘चुप्पा’ किस्म के हैं । अपना नाम तक बताने में संकोच कर ...
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अमिताभ बच्चन मेरे घर में
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मेराछोटा बेटा तथागत अभी, दो दिनों के लिए घर आया था । वह इन्दौर में, बी. ई. द्वितीय वर्ष का नियमित छात्र है । वह इन्दौर जाने लगा तो उसे छोड़न...
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कपडे : इस मन्त्री के, उस मन्त्री के
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आतंकवाद और हमारे गृह मन्त्रीजी के कपडे इन दिनों अखबारों और समाचार चैनलों के प्रमुख समाचार बने हुए हैं । व्यंग्य चित्रकारों को बहुत दिनों ...
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बरसों बाद ऐसा हुआ कि........
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‘वे’ कितने थे, गिन पाना असम्भव ही था । ‘वे’ हजारों भी हो सकते थे, लाखों भी या शायद करोड़ भी । ‘वे’ जितने भी थे, सबके सब काम में लगे ...
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विजय माल्या की शर्तों पर जी रहा इण्डिया
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दिल्ली से इन्दौर तक की यह हवाई यात्रा, मेरी तीसरी हवाई यात्रा थी । ‘भारत‘ और ‘इण्डिया’ का, अब तक अखबारों और पत्र-पत्रिकाओं में पढ़ता रहा ...
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हिन्दी दिवस : शुकताल में और हवाई अड्डे पर
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मैं हिन्दी दिवस को सरकारी चोंचला मानता हूँ सो इस दिन होने वाले औपचारिक आयोजनों से बचने का यथा-सम्भव प्रयास करता हूँ । यह अलग बात है कि हर सा...
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एक फतवा मीडीया के लिए
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सलमान खान द्वारा अपने निवास पर विनायक स्थापना और पूजा को लेकर जामा मस्जिद के मौलाना अंजारिया द्वारा जारी फतवे को लेकर एक टीवी समाचार चैनल ने...
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सत्ता, राजनीति और विश्वसनीयता
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सत्ता और राजनीति अपनी विश्वसनीयता कैसे खोती हैं, इसकी छोटी सी बानगी गए दिनों मेरे शहर में देखने को मिली । एक सौ वर्ष से अधिक पुराने एक चर्च...
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अथ बीमा एजेण्ट कथा
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यह पोस्ट दिनेशरायजी द्विवेदी को समर्पित है । बीमा प्रशिक्षण लेने के लिए दो सितम्बर को भोपाल के लिए निकलने से पहले ‘भोपाल में मिलिए’ श...
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भालेरावजी
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यह कविता नहीं है । बीमा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए मैं 3 से 5 सितम्बर तक, भारतीय जीवन बीमा निगम के, भोपाल स्थित मध्य क्षेत्रीय कार्यालय...
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भोपाल में मिलिए
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बीमा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए मैं 2 सितम्बर की शाम को भोपाल पहुँचूँगा और 5 सितम्बर की शाम को रतलाम के लिए निकलूँगा । भोपाल में मेरा आवा...
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