एकोऽहम्
साहस-किरण
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इन्दौर से प्रकाशित हो रहे, सान्ध्य दैनिक ‘प्रभातकिरण’ ने साहसभरा वह प्रेरक और अनुकरणीय काम किया है जिसकी दुहाई तो हम सब देते हैं किन्तु समय ...
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‘बई ! पूड़ी दे’
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इस समय, जब मैं यह पोस्ट टाइप कर रहा हूँ, तेईस नवम्बर रविवार की रात के पौने ग्यारह बज रहे हैं । कोई दो घण्टे पहले, एक भोज समारोह से लौटा हूँ ...
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मुख्यमन्त्री दंगा कराता है
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किसी भी प्रदेश में होने वाले दंगे वहां का मुख्यमन्त्री ही कराता है । यह चैंकाने वाली बात परसों, 18 नवम्बर को रतलाम में, भोपाल के पुराने पत्र...
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भाषणों में विरोधी उम्मीदवार का नाम भी नहीं लिया
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चुनाव लड़ने का एकमात्र उद्दश्य जीतना ही होता है । लेकिन भारतीय राजनीति में वह समय भी था जब इसके लिए उपलब्धियों, नीतियों, कार्यक्रमों और वैचा...
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विरोधी उम्मीदवार को गिरफ्तार करवाने से मना कर दिया
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कई राज्यों के विधान सभा चुनाव हो रहे हैं । प्रचार अभियान की विषय वस्तु और शैली में जमीन आसमान का अन्तर आ गया है । पहले, दल और उम्मीदवार अपनी...
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सपनों के आसपास
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यह मेरी पोस्ट का शीर्षक नहीं है । मेरे आत्मीय और प्रिय पंकज शुक्ला ‘ परिमल ’ के प्रथम कविता संग्रह का शीर्षक है । मुझे कविता और साहित्य क...
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प्रथम प्रीमीयम लेने का अधिकार है बीमा एजेण्ट को
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अत्यधिक लोकप्रिय, प्रतिष्ठित और विश्वसनीय ब्लाग ‘तीसरा खम्बा’ (http://teesarakhamba.blogspot.com/ )में श्रीयुत दिनेश नारायणजी द्विवेदी क...
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डीटीएच लगवा ही लीजिए
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'एक अपराध बोध से मुक्ति' शीर्षक वाली मेरी पोस्ट (10 अक्टूबर 2008) पर कुछ कृपालुओं ने मेरा उत्साहवर्ध्दन करते हुए, डीटीएच को लेकर म...
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मेरा बच्चा: बकरी का बच्चा
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'बा' और 'बा' का हरीश यह घटना अत्यधिक मार्मिक है, कोई 45 वर्ष पूर्व की । जोशीजी की अवस्था उस समय कोई एक-सवा माह की थी । वे अस...
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कुत्ते से विश्वासघात
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इस घटना के समय भी जोशीजी की अवस्था लगभग ग्यारह वर्ष थी । एक कुत्ते ने यूँ तो पूरे गाँव को परेशान कर रखा था किन्तु मानो ‘जोशी परिवार’ वह अतिर...
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चिड़िया क्या कहेगी ?
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नैतिकता और संस्कारों के बीच स्थायी अन्तर्सम्बन्ध रहता है । नैतिकता का आचरण में रुपान्तरण ही संस्कार होता है । नैतिकता की शिक्षा स्कूली किताब...
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समाचार न छपने का समाचार
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आज बात निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता’ की हकीकत उघाड़ने वाली है । इसीलिए तनिक लम्बी-चौड़ी और बड़ी है । आप इसे 'कच्ची उमर के पत्रकारों की ...
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देखन में छोटी लगैं
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कुछ बातों को लेकर मैं असमंजस में हूँ । स्वयम् को खूब टटोलने-खंगालने के बाद भी इन बातों के उत्तर पाने में असफल ही रहा । आपमें से कोई मेरी सहा...
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मेरी तो हो गई दीवाली
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लोगों को दीपावली की रात को लक्ष्मी मिलती है । मुझे तो दीपावली की ऐन सवेरे-सवेरे ही मिल गई । 'अनवरत' से प्रेरित हो, मैं अपने ब्लाग की...
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लक्ष्मी-पति बनाम लक्ष्मी-पुत्र
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इस दीपावली, मैं एक विचित्र किन्तु रोचक दुर्घटना का शिकार होता रहा - पूरे दिन भर । कल मेरी पूछ-परख नाम मात्र को ही हुई, मानो मजबूरी में या फि...
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अभिनन्दन
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दीपावली एवं नव वर्ष के मंगल प्रसंग पर हार्दिक अभिनन्दन एवम् आत्मीय शुभ-कामनाएँ । जातियों, धर्मों, वर्गों, वर्णों से ऊपर उठकर हम भारतीय बन सक...
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अर्श और फर्श की विसंगत दीपावली
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व्यक्तित्व विकास और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए ‘सकारात्मक दृष्टिकोण’ इन दिनों मुहावरे की तरह प्रचलन में है । लेकिन यह सब अब तक पूरी तरह व्यक...
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अनूठा देनदार
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कल की मेरी पोस्ट पर श्रीयुत अज्ञात (एनोनीमस) ने अपनी टिप्पणी के चैथे बिन्दु में वह बात कह दी है जिसे विषय बना कर मैं कल की पोस्ट लिखना चाहता...
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भारत सरकार का कुबेर : भाजीबीनि
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भारतीय जीवन बीमा निगम देश के सबसे बड़े वित्तीय उपक्रमों में अग्रणी है । इसे लेकर आए दिनों अखबारों में ‘कुछ न कुछ’ छपता ही रहता है । इस ‘कुछ न...
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