एकोऽहम्
दो बहनों की आवाज
›
न्याय ही रास्ता है - मणिमाला (1 9 74 के सम्पूर्ण क्रान्ति आन्दोलन से निकली जेपी सेनानी व पत्रकार) मैंने नहीं सुना एक भी मुसलमान को कन्हैयाला...
रोज-रोज के गाँधी (1)
›
डॉ. वीरेन्द्र सिंह लोग कहते हैं: ‘बहुत कठिन है गाँधी की राह पर चलना।’ डॉ। वीरेन्द्र सिंह कहते हैं: ‘बहुत आसान है यदि आप रोज-रोज उनकी तरफ ...
3 comments:
बालकवि बैरागी: आत्मीय रिश्ते दुष्यन्त परिवार से...
›
राजेन्द्र जोशी बैरागीजी सूचना प्रकाशन विभाग के राज्य मन्त्री थे। भाषा विभाग इसी मन्त्रालय के अधीन था और कवि दुष्यन्त कुमार इसी भाषा विभाग मे...
1 comment:
राष्ट्रकवि भी रहे बैरागीजी के मेहमान
›
राजेन्द्र जोशी संसदीय सचिव की हैसियत से बैरागीजी को शिवाजी नगर में एक शासकीय बंगला आबण्टित था, किन्तु जब वे श्यामाचरण शुक्ल मन्त्रिमण्डल में...
2 comments:
न पुलिस, न मास्टर, न ही पटवारी! यह कैसा विभाग?
›
राजेन्द्र जोशी मन्त्रीपद की जिम्मेदारी बैरागीजी ने बड़ी निष्ठा, लगन, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाई। अपने कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों क...
2 comments:
बारात मेरी, नाचे मामा और निहाल हुआ बैण्डवाला
›
सुलतान मामा की यह तस्वीर कलवाली पोस्ट में देते हुए मैंने कहा था कि इसकी कहानी आज सुनाऊँगा। सो, सुन लीजिए। मेरा विवाह फरवरी 1976 में हुआ। मेर...
2 comments:
बैरागीजी की प्रेरणा से कवि बन गया
›
सुल्तान मामा (सुल्तान मामा भी अब हमारे बीच नहीं हैं। लगभग तीन बरस पहले, 2019 में उनका निधन हो गया। मामा के इस चित्र से जुड़ी एक रोचक याद की...
‘साफे’ के स्वाभिमान, सम्मान, सहयोग, संरक्षण के लिए ‘जूती’ का उपयोग
›
राजेन्द्र जोशी (दादा, साहित्य को ‘सर का साफा’ और राजनीति को ‘पाँव की जूती’ कहा करते थे। कहा करते कि जब साफे का सम्मान संकट में हो तो रक्षा ...
6 comments:
सत्ता से निर्लिप्तता की विरासत
›
बॉंये से बालकविजी, बलराज जी साहनी, बालकविजी के पिता द्वारिकादासजी बैरागी। चित्र सौजन्य - वीणा बैरागी। राजेन्द्र जोशी बैरागीजी ने आकाशवाणी प...
2 comments:
गरीब के घर में बच्चा नहीं, हमेशा बूढ़ा ही पैदा होता है।
›
राकेश पाण्डेय बैरागीजी के प्रखर व्यक्तित्व के बारे में यूँ तो मैं पहले से ही परिचित था, लेकिन उनकी कविताओं से दूरदर्शन या कवि सम्मेलन के माध...
4 comments:
‘मारुति’ पर देव नागरी में ‘मारुति’ उन्हीं ने अंकित करवाया
›
नारायण कुमार (मेरी भावना रही है कि लेख के साथ लेखक का चित्र दिया जाए। किन्तु मुझे नारायण कुमारजी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। किताब में ...
4 comments:
‹
›
Home
View web version