एकोऽहम्

मैं, स्‍वर्गवासी

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'जब से बहू घर में आई है तब से घर स्‍वर्ग हो गया है और घर में रहने वाले हम सब स्‍वर्गवासी ।' जैसा मुहावरा भले ही आप मुझ पर फिट कर दें...
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रवि रतलामी सीएनएन आईबीएन पर

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अत्यन्त मुदित मन से मैं यह पोस्ट लिख रहा हूं । आखिर बात मेरे गुरू श्री रवि रतलामी के, अन्तरराष्ट्रीय समाचार चैलन 'सीएनएन आईबीएन' पर...
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न लेखक, न वरिष्‍ठ, न पत्रकार

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'कस्‍बा' में रवीश कुमारजी की पोस्‍ट पढकर मुझे बिलकुल वैसा ही सुख मिला जैसा एक विधवा को, दूसरी विधवा को देख कर मिलता है । रवीशजी के ...
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अंग्रेजों ! लौट आओ

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आजादी की साठवीं वर्ष गाँठ मैं ने दो कारणों से तनि‍क खिन्‍नता और उदासी के साथ मनाई । पहला कारण तो मेरा ब्राड बेण्‍ड कनेक्‍शन का 'डेड'...
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चिपलूनकरजी के बहाने

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'सोनिया गाँधी वाले चिट्ठे पर उठते सवाल-जवाब' शीर्षक से चिपलूनकरजी ने जो सफाई दी है, वह तर्क, कुतर्क से काफी आगे बढकर जिम्‍मेदारी से...
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चिपलूनकरजी के बहाने

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'सोनिया गाँधी वाले चिट्ठे पर उठते सवाल-जवाब' शीर्षक से चिपलूनकरजी ने जो सफाई दी है, वह तर्क, कुतर्क से काफी आगे बढकर जिम्‍मेदारी से...

चिपलूनकरजी के बहाने

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'सोनिया गाँधी वाले चिट्ठे पर उठते सवाल-जवाब' शीर्षक से चिपलूनकरजी ने जो सफाई दी है, वह तर्क, कुतर्क से काफी आगे बढकर जिम्‍मेदारी से...
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एस.डी.बर्मन : क्रिकेट और 'ड्रा'

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इस समय शाम के साढे छ: बजने वाले हैं । मेरा छोटा बेटा तथागत अनमना, इधर-उधर घूम रहा है । थोडी-थोडी देर में बुध्दू बक्सा चालू करता है, रिमोट के...
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आरक्षण : कला या विज्ञान ?

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'हरि ' और 'हरि कथा' की ही तरह यह बहस भी अनन्‍त है कि आरक्षण का संरक्षण किया जाना चाहिए या क्षरण । नेताओं और राजनीतिक दलों के...
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मुन्‍ना भाई : आह सजा ! वाह सजा !!

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मुन्‍ना भाई याने अभिनेता संजय दत्‍त को मिली, 6 साल की सजा, ऐसा मामला बन गया है जिस पर लोग न तो हंस पा रहे हैं और न ही रो पा रहे हैं, या फ...
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हिन्‍दी को मिल गई पहली अन्‍तरराष्‍ट्रीय मान्‍यता

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अन्‍तरराष्‍ट्रीय मंच पर हिन्‍दी को आधिकारिक भाषा के रूप में देखने वाले जश्‍न मना लें । संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ में हिन्‍दी को आधिकारिक भाषा का...
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तू चन्‍दा मैं चांदनी : विस्‍तार (2)

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यह तब की बात है जब 'रेशमा और शेरा' का अता-पता कल्‍पना में भी शायद ही रहा होगा । फिल्‍मों में गीत लिखने के सिलसिले में दादा साठ क...
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तू चन्‍दा मैं चांदनी : विस्‍तार (1)

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ब्‍लाग की दुनिया में घूमते -घूमते आज श्री सुरेश चिपलूनकर के महाजाल की सैर की तो 2 मई 2007 की पोस्‍ट पर नजर ठहर गई । 'बालकवि बैरागी : ...
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गुम हो जाएंगी लि‍प‍ियां ?

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यह तय कर पाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा है कि अभी-अभी मैं जिन दो अनुभवों से गुजरा हूं, वे अनुभव हैं या हादसे ? डॉक्‍टर विनोद वैरागी उज्‍जैन म...
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राखी ने कपडे उतारे

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राखी याने 'आइटम गर्ल' राखी सावन्‍त, जो कपडे पहनने के नाम पर कपडे उतारती ज्‍यादा नजर आती है और इसीलिए जानी-पहचानी जाती है । उसकी अपनी...
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एडीएम की पिटाई में लोकतन् ‍त्र पाली (राजस्‍थान) स्थित हेमावास बांध के टूटने से जल संकटग्रस्‍त हुए ग्रामीणों के हाथों वहां के एडीएम साहब को प...
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ब्‍लागियों ! उजड जाओ

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यह कहानी सबने कम से कम एक बार तो पढी और सुनी होगी ही । घूमते-घूमते एक सन्‍त एक गांव पहुंचे और अपना डेरा जमाया । चर्चा सुन कर कुछ दुष्‍ट पहुं...
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विष्णु बैरागी
कुछ भी तो उल्लेखनीय नहीं। एक औसत आदमी जिसे अपने जैसे सड़कछापों की भीड़ में बड़ा आनन्द आता है। ‘मैं अपने घर का स्वामी हूँ लकिन यह कहने के लिए मुझे मेरी पत्नी की अनुमति की आवश्यकता होती है।’ - पूरी तरह अपनी पत्नी पर निर्भर। दो बच्चों का बाप। भारतीय जीवन बीमा निगम का पूर्णकालिक एजेण्ट। इस एजेन्सी के कारण धनपतियों की दुनिया में घूमने के बाद का निष्कर्ष कि पैसे से अधिक गरीब कोई नहीं। पैसा, जो खुद अकेले रहने को अभिशप्त तथा दूसरों को अकेला बनाने में माहिर। मेरा पता - ‘मित्र-धन’, 02 पत्रकार कॉलोनी, पोस्ट बॉक्स नम्बर-19, रतलाम - 457001 (मध्य प्रदेश) मोबाइल नम्बर - 098270 61799
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