‘आस्था’ बिक रही है, तत्काल खरीद लें



‘जीवन - आस्था’



भारतीय जीवन बीमा निगम ने, 8 दिसम्बर को ‘जीवन आस्था’ नामकी नई योजना बाजार में प्रस्तुत की है । फिलहाल यह योजना कुल 45 दिनों के लिए उपलब्ध है - अर्थात् 21 जनवरी 2009 तक ।
मन्दी के दौर में यह आकर्षक योजना है । इसमें बोनस कम होने की कोई आशंका नहीं है और शेयर बाजार की ऊँच-नीच के प्रभाव की आशंका तो सपने में भी नहीं है । इसमें ‘सुनिश्चित लाभ’ (गारण्टीड एडीशन) का प्रावधान किया गया है और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता भी है और आकर्षण भी ।

यह योजना 13 से 60 वर्ष तक की आयु वर्ग के लिए है और न्यूनतम निवेश, मोटे तौर पर 25 हजार रुपये है । निवेश की रकम, आयु के आधार पर निर्धारित होती है सो कम आयु वालों के लिए यह राशि 25 हजार से कम और अधिक आयु वालों के लिए 25 हजार से तनिक अधिक हो सकती है ।

यह एकल (सिंगल) प्रीमीयम योजना है । अर्थात् निवेशक को एक बार ही भुगतान करना है-प्रति वर्ष नहीं ।

यह योजना दो अवधियों के लिए उपलब्ध है - 5 वर्ष और 10 वर्ष ।

‘सुनिश्चित लाभ’ की दर दोनों अवधियों के लिए अलग-अलग है - 5 वर्ष अवधि के लिए 90 रुपये प्रति हजार प्रति वर्ष तथा 10 वर्ष अवधि के लिए 100 रुपये प्रति हजार प्रति वर्ष ।

इसमें निवेश की गई रकम पर, आयकर अधिनियिम की धारा 80 (सी) के अन्तर्गत छूट मिलेगी जबकि परिवपक्वता राशि, आयकर अधिनियिम की धारा 10 (10)(सी) के अधीन आय कर मुक्त होगी । प्राप्तियों का आयकर मुक्त होना इसका बहुत बड़ा आकर्षण है ।

इसके साथ ही साथ, इसमें जीवन बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध है । यह सुरक्षा (रिस्क कवर) प्रथम पालिसी वर्ष में न्यूनतम डेड़ लाख रुपये तथा शेष पालिसी अवधि में न्यूनतम 50 हजार रुपये है । परिपक्वता बीमा धन, न्यूनतम 25 हजार रुपये है । इसके अतिरिक्त, पालिसी की पूर्णता पर 'निष्‍‍ठा आधिक्य' (लायल्टी एडीशन) के भुगतान का भी प्रावधान है ।

इसकी प्राप्तियाँ, बाजार में वर्तमान में उपलब्ध किसी भी योजना से अधिक ही आकर्षक और लाभदायक अनुभव होती हैं । 5 वर्ष अवधि वाली पालिसी की परिपक्वता राशि, निवेशित राशि की ड्ययोड़ी से अधिक तथा 10 वर्ष अवधि वाली पालिसी में दुगुनी से अधिक होगी ।

इन सारी बातों को इन उदाहरणों से आसानी से समझा जा सकता है -


पहला उदाहरण
पालिसीधारक की आयु - 30 वर्ष ।

पालिसी अवधि - 10 वर्ष ।

मूल बीमा धन - रुपये 1,50,000

प्रीमीयम (निवेश की रकम) - रुपये 24,825/-

परिपक्वता राशि -

परिपक्वता बीमा धन - रुपये 25,000/-

सुनिश्चित लाभ - रुपये 25,000/-

लायल्टी एडीशन (सम्भावित) - रुपये 7,500/-

योग - रुपये 57,500/-

लाभांश की दर - 9 प्रतिशत ।

इसमें यदि आय कर की बचत का प्रभाव शामिल कर लें तो लाभांश की दर इस प्रकार होगी -
आयकर छूट 10 प्रतिशत पर - 10 प्रतिशत

आय कर छूट 20 प्रतिशत पर - 11 प्रतिशत

आय कर छूट 30 प्रतिशत पर - 13

दूसरा उदाहरण
पालिसीधारक की आयु - 30 वर्ष ।

पालिसी अवधि - 5 वर्ष ।

मूल बीमा धन - रुपये 1,50,000

प्रीमीयम (निवेश की रकम) - रुपये 26,205/-

परिपक्वता राशि -

परिपक्वता बीमा धन - रुपये 25,000/-

सुनिश्चित लाभ - रुपये 11,250/-

लायल्टी एडीशन (सम्भावित) - रुपये 3,750/-

योग - रुपये 40,000/-

लाभांश की दर - 9 प्रतिशत ।
इसमें यदि आय कर की बचत का प्रभाव शामिल कर लें तो लाभांश की दर इस प्रकार होगी -
आयकर छूट 10 प्रतिशत पर - 11 प्रतिशत

आयकर छूट 30 प्रतिशत पर - 17 प्रतिशत


इसके अतिरिक्त इस योजना में निम्नांकित सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं -
- प्रथम पालिसी वर्ष पूर्ण होने पर सरेण्डर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है जो निवेशित राशि का 90 प्रतिशत होगा ।

- प्रथम पालिसी वर्ष पूर्ण होने के पश्‍चात पालिसी पर लोन लिया जा सकता है ।

- पालिसी को तत्काल ही समनुदेशित किया जा सकता है अर्थात् गिरवी रखा जा सकता है ।

भारतीय जीवन बीमा निगम ने एक लम्बे समय से ‘सुनिश्चित लाभ’ (गारण्टीड एडीशन) वाली योजनाएं बन्द कर रखी थीं ।

मन्दी और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से उपजे आर्थिक दहशत के इस वातावरण में ‘सुनिश्चित लाभ’ (गारण्टीड एडीशन) वाली यह योजना बाजार में उतार कर भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपूर्व साहस का परिचय दिया है ।


मैं निम्नानुसार अनुशंसा करता हूं -
- इसे तत्काल खरीद लिया जाना चाहिए । ‘आय कर नियोजन’ से परे हटकर भी यह, बाजार में उपलब्ध अन्य समान योजनाओं से काफी बेहतर है ।

- सम्भव हो तो अपने परिवार के 13 से 40 वर्ष आयु वर्ग के सदस्यों के लिए खरीदेंगे तो अधिक लाभ होगा ।

- लोग ‘अल्पावधि निवेश’ को प्राथमिकता देते हैं किन्तु मेरी सलाह है कि इसे 10 वर्ष के लिए लें ।

- इसकी अन्तिम दिनांक की प्रतीक्षा न करें । तत्काल ही ले लें ।


मैं केवल परामर्श नहीं दे रहा हूं । मेरे छोटे बेटे तथागत (अवस्था 19 वर्ष) के लिए मैं यह पालिसी ले रहा हूं । अर्थात् आपको उसी खरीदी की सलाह दे रहा हूं जो खरीदी मैं खुद कर रहा हूं ।

(कृपया मेरी इस प्रस्तुति को भारतीय जीवन बीमा निगम की प्रस्‍‍तुति न समझें ।)


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‘मित्र-धन’ http://mitradhan.blogspot.com

पर भी एक नजर डालें ।

11 comments:

  1. अच्छी सलाह दी है आपने बैरागी जी, बहुत काम में आयेगी

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  2. इस आकर्षक योजना सम्बंधित नेक सलाह के लिए आभार.

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  3. बैरागीजी अपने समझ के बाहर है,वैसे हेडिँग बडी जानदार लगाई है.

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  4. इस स्कीम में एक साल के बाद बीमा बहुत यानी 1/3 हो जाता जो कि इसकी सबसे बड़ी कमा है, बीमा स्कीम निवेश से लिये नहीं, बल्कि बीमा के लिये जाती है। अगर वही कम है तो फिर क्या फायदा?

    मनीषा

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  5. आप का सुझाव वाजिब है यदि निवेश के लिए धन उपलब्ध हो तो अवश्य ही करना चाहिए।

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  6. जितनी जानकारी सामने है उससे यह स्पष्ट है की यह एक बहुत ही अच्छी स्कीम है और निवेश की दृष्टी से बहुत लाभप्रद होने के साथ-साथ रिस्क-मुक्त भी है.

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  7. अच्छी जानकारी। और सेफ निवेश लगता है।

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  8. सफ़ल बीमा एजेंट की खूबियां हैं इस पोस्ट में । बडे हे आसान और लुभावने अंदाज़ में समझाई गई हैं पालिसी की खूबियां । लगता है ये पोस्ट ही छप्पर फ़ाड कर ग्राहक जुटा देगी एलाईसी के लिए ....।

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  9. अच्छी जानकारी देने के लिए धन्यवाद।

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